जलगांव: खानदेश कैटरिंग एसोसिएशन ने जिले के हजारों श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लेने की तैयारी की है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, अब रात 12 बजे के बाद किसी भी कार्यक्रम में कैटरिंग सेवा नहीं दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय का औपचारिक प्रस्ताव आगामी गुड़ीपाड़वा के शुभ अवसर पर पारित किया जाएगा।

क्यों लिया गया यह निर्णय?
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, रात के समय आयोजित होने वाले कार्यक्रम अक्सर देर रात 2 से 3 बजे तक चलते हैं। इसके चलते:
नींद का अभाव: कर्मचारियों को देर रात तक काम करने के बाद अगले दिन सुबह 6 बजे से फिर काम पर लौटना पड़ता है।
स्वास्थ्य पर असर: पर्याप्त विश्राम न मिलने के कारण श्रमिकों में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं।
दुर्घटनाओं का खतरा: नींद पूरी न होने और थकान के कारण कार्यस्थल और यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं (एक्सीडेंट) के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।

20,000 परिवारों का सवाल
जलगांव जिले में कैटरिंग व्यवसाय केवल एक सेवा नहीं बल्कि एक बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिससे 20,000 से अधिक लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। एसोसिएशन का मानना है कि इतने बड़े कार्यबल की सुरक्षा सुनिश्चित करना उद्योग के भविष्य के लिए अनिवार्य है।
“श्रमिकों का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। लगातार कार्यभार और कम विश्राम के चलते लेबर वर्ग पर दबाव बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए यह समय सीमा तय करना आवश्यक हो गया है।”

— एसोसिएशन पदाधिकारी
प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस निर्णय की जानकारी और रूपरेखा साझा करने में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रतन सारस्वत, जिला उपाध्यक्ष दिनेश टाटिया, जलगांव शहर अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी, उपाध्यक्ष गोपाल अग्रवाल, सचिव महेंद्र टाडा, कोषाध्यक्ष गोपाल व्यास और मुख्य सलाहकार राजेंद्र वैष्णव सहित अन्य पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई है।
१९ मार्च को खान्देश केटरिंग एसोसिएशन जलगांव जिल्हे मे रात १२ बजे के बाद सर्विस नहीं मिलेगी ,इस पर शिक्कामोर्तब ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मे करेगा ,जलगांव जिल्हे के सभी केटरिंग प्रोवाइडर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग जायेगे ,ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मे ही शिक्कामोर्तब होगा
